Lomdi Aur Angoor Ki Kahani

 लोमड़ी और अंगूर की कहानी

Lomdi Aur Angoor Ki Kahani. एक गर्मी की दोपहर थी। एक भूखी लोमड़ी जंगल में घूम रही थी। उसे कुछ खाने को मिल जाए, ऐसा उसे बहुत मन था। तभी उसने एक पेड़ पर लटके मीठे और रसदार अंगूर देखे। अंगूर बहुत आकर्षक लग रहे थे, और लोमड़ी ने सोचा कि अगर वह उन अंगूरों को खा सके तो कितना अच्छा होगा।

लोमड़ी ने पेड़ के पास जाकर अंगूरों तक पहुँचने की कोशिश की। उसने छलांग लगाई, कूदती रही, लेकिन अंगूर बहुत ऊँचे थे। लोमड़ी ने कई बार कोशिश की, पर वह अंगूरों तक नहीं पहुँच पाई।

Lomdi Aur Angoor Ki Kahani

अंत में थक कर, लोमड़ी ने कहा, "ये अंगूर तो खट्टे हैं, मुझे तो पसंद नहीं हैं।" और वह वहाँ से चली गई।

सीख:
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि जब हमें कोई चीज़ नहीं मिलती, तो हम अक्सर उसे कम महत्व दे देते हैं। इसे 'अंगूर खट्टे हैं' कहकर अपनी असफलता से खुद को बचाने की कोशिश करना कहते हैं।

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