Lomdi Aur Kauwa Ki Kahani in Hindi
लोमड़ी और कौवा की कहानी
Lomdi Aur Kauwa Ki Kahani in Hindi. बहुत समय पहले की बात है, एक कौवा बहुत भूखा था। वह खाने की तलाश में उड़ रहा था। तभी उसे एक घर के आंगन में एक रोटी दिखी। वह तुरंत नीचे उतरा, रोटी को अपनी चोंच में दबाया और उड़कर एक पेड़ की ऊँची डाल पर बैठ गया।
चालाक लोमड़ी की योजना
उसी जंगल में एक चालाक लोमड़ी रहती थी। उसने कौवे की चोंच में रोटी देखी और सोचा, "अगर मैं इसे किसी तरह बेवकूफ बना दूं, तो रोटी मेरे हाथ लग सकती है!"
लोमड़ी पेड़ के नीचे गई और मीठी आवाज़ में बोली –
"अरे कौवा भाई! आपकी आवाज़ तो बहुत सुरीली लगती है। क्या आप मेरे लिए एक प्यारा सा गाना गा सकते हैं?"
कौवे की भूल
कौवा लोमड़ी की चालाकी को समझ नहीं पाया। वह अपनी तारीफ सुनकर बहुत खुश हुआ और सोचने लगा, "मुझे अपनी मधुर आवाज़ से इस जंगल में नाम कमाना चाहिए!"
जैसे ही उसने कांव-कांव करने के लिए अपनी चोंच खोली, रोटी नीचे गिर गई। लोमड़ी ने तुरंत उसे उठाया और हंसते हुए बोली –
"धन्यवाद कौवा भाई! मैं तो बस आपकी मूर्खता का इंतजार कर रही थी!"
कौवा पछताया, लेकिन अब कुछ नहीं कर सकता था।
सीख:
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि चापलूसी पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि चतुर लोग दूसरों को धोखा देने के लिए मीठी बातें करते हैं।
👉 नैतिक शिक्षा:
"चतुराई से काम लो, नहीं तो धोखा खाओगे।"

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