Chatur Lomdi Aur Sher Ki Kahani
चतुर लोमड़ी और शेर की कहानी
Chatur Lomdi Aur Sher Ki Kahani. एक बार की बात है, एक घने जंगल में एक शेर रहता था। उसका नाम सिंह था। सिंह बहुत ही ताकतवर और डरावना था, और जंगल के सारे जानवर उससे डरते थे। वह हमेशा जंगल के हर हिस्से में अपना दबदबा बनाकर चलता था।
एक दिन सिंह ने सोचा, "मैं जंगल का राजा बन जाऊँगा, और सभी जानवरों को अपनी ताकत दिखाऊँगा।" उसने सभी जानवरों को जंगल में बुलाया और घोषणा की, "जो भी मुझे चुनौती देगा, मैं उसे सबक सिखाऊँगा।"
सभी जानवर डर के मारे चुप हो गए, लेकिन एक चतुर लोमड़ी, जो वहां पास में ही बैठी थी, उसने सोचा, "यह शेर केवल ताकत से राजा नहीं बन सकता। हमें इसको समझाना होगा।"
लोमड़ी शेर के पास गई और कहा, "महाराज सिंह, आप बहुत ताकतवर हैं, लेकिन जंगल में कुछ ऐसे जानवर भी हैं जो आपकी ताकत को चुनौती देने का साहस रखते हैं। अगर आप चाहते हैं कि सभी जानवर आपके सामने सिर झुका दें, तो आपको पहले उन्हें समझाना होगा।"
सिंह को यह सुनकर उत्सुकता हुई। उसने पूछा, "कौन से जानवर हैं जो मुझे चुनौती देने का साहस रखते हैं?"
लोमड़ी ने कहा, "मुझे तो लगता है कि कोई भी जानवर आपके सामने नहीं टिक सकता, लेकिन यदि आप मुझे दिखा सकें कि आप सबसे ताकतवर हैं, तो मैं उन जानवरों को भी समझा दूँगी।"
सिंह ने गर्व से कहा, "ठीक है, मुझे दिखाओ कि वो कौन से जानवर हैं।"
लोमड़ी ने उसे जंगल के एक कोने में ले जाकर कहा, "वहां, एक बहुत ही ताकतवर बाघ रहता है। आप दोनों का मुकाबला हो सकता है।"
सिंह और लोमड़ी बाघ के पास गए, लेकिन जैसे ही सिंह ने बाघ से मुकाबला करने की कोशिश की, बाघ ने सिंह को देखा और घबराहट के साथ जंगल से भाग गया। सिंह हैरान था कि बाघ क्यों भागा।
लोमड़ी हंसते हुए बोली, "आपने अपनी ताकत से जंगल में डर जरूर फैलाया है, लेकिन असल में कोई भी आपसे डरकर आपके सामने नहीं आता। जिन जानवरों को आपने दबाया, वे दरअसल आपकी ताकत का सम्मान नहीं करते, बल्कि वे डरते हैं। असली ताकत यह नहीं है कि आप दूसरों को डराओ, बल्कि यह है कि आप उन्हें समझाकर अपने साथ लाओ।"
सिंह को समझ में आ गया और उसने फैसला किया कि वह अब केवल अपनी ताकत से नहीं, बल्कि समझदारी से भी दूसरों का आदर करेगा।

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